Development of High-Efficiency in-Vitro Protocols in Amaryllis (Hippeastrum Hybridum) Cv. Pusa Suryakiran
dc.contributor.advisor | Satendra Kumar | |
dc.contributor.author | Varun Kumar | |
dc.date.accessioned | 2025-03-21T01:55:36Z | |
dc.date.issued | 2024 | |
dc.description.abstract | इस अध्ययन में हिप्पेस्ट्रम िाइहिडम पर इन-हिट्रो कल्चर द्वारा पादप सति की स्ट्ेररलाइजेशन, कैलस प्रेरण, शूट् गुणन, और जडो़ों के पुनजजनन के हिहिन्न उपचारो़ों पर शोध हकया गया िैं। पादप सति को स्ट्ेररलाइज कराने के हलये t10, हजसमें 10% v/v कैल्ल्शयम-िाइपोक्लोराइड (CaOCl2) और 70% v/v इथेनॉल हमहित थे, िि उच्चतम जीहित दर , कम मृत्यु दर, और न्यूनतम सूक्ष्मजीिी स़ोंदूषण के मामले में बेितर दक्षता दशाजता िैं, जबहक t5, हजसमें 70% इथेनॉल और 0.05% v/v महरजक-क्लोराइड (HgCl2) था, t10 की तुलना में कम प्रिािी देखा गया। िाला़ोंहक महरजक-क्लोराइड (HgCl2) ने सूक्ष्म-जीिी स़ोंदूषण को प्रिािी ढ़ोंग से कम हकया, लेहकन इससे पौधो़ों के स्वास्थ्य पर प्रहतकूल प्रिािो़ों को िी देखा गया, हजससे पादप -अ़ोंशो़ों (ऊतक) की उच्च मृत्यु दर पायी़ों गयी िैं। उच्च कोट्ी का कैलस प्रेरण MS -5 द्वारा प्राप्त हुआ, हजसमें MS Medium के साथ 2,4-D (1.0 mg l-1) और काइनेहट्न (KIN) 0.5 mg l-1) सल्िहलत थे, हजससे उच्च गुणित्ता िाले कैलस के जनन को प्रोत्साहित हकया. िाला़ोंहक, यि िी देखा गया था की पोषक माध्यम की शल्ि कैलस की कुल िृल्ि और बायोमास के स़ोंचय के हलए अत्य़ोंत मित्वपूणज रिी, हजसमें एमएस-10 (½ MS Media + 2,4-D (1.0 mg l-1) + काइनेहट्न (KIN) 0.5 mg l-1) ने सबसे अहधक कैलस में फ्रेश िेट् प्राप्त हकया । शूट् गुणन के सन्दिज में, अप्रत्यक्ष अ़ोंग जनन को बडे पैमाने पर उत्पादन के हलए एक प्रिािी हिहध के रूप में देखा गया िै, जो हिहिन्न पादप-अ़ोंश द्वारा कैलस जनन को प्रेररत कर उसके उपयोग से शूट् प्रसार को प्रोत्साहित कर सकता िै। िाला़ोंहक, प्रत्यक्ष अ़ोंग जनन ने शूट् के अ़ोंकुररत िोने में उच्च प्रहतहरया प्रहतशत (91.05±1.438%) को दशाजया िै जो हक अप्रत्यक्ष अ़ोंग जनन (71.22±3.482%) की तुलना में अहधक िै, हजसे MS-10 द्वारा हसि िोता देखा जा सकता िै. शूट् पुनजजनन के हलए, SNP के साथ NAA को हमलाकर MS-8 ने अन्य उपचारो़ों की तुलना में बेितर प्रदशजन हकया. िाला़ोंहक, SNP की सान्द्रता में रहमक िृल्ि ने बेितर पररणाम निी़ों हदए, जैसा की MS-8, MS-9, और MS-10 में बढते SNP सान्द्रता (रमश: 2 mg l-1, 4 mg l-1, और 6 mg l-1) में पाया गया। अिलोकन से शूट् प्रजनन की शुरुआत के मापद़ोंडो़ों में हिहिधता हदखाई दी, हजससे यि ज्ञात िोता िै की SNP की इष्टतम सान्द्रता मित्वपूणज िै। इन- हिट्रो जहनत शूट् में जड पुनजजनन के हलए, MS-12 (पूणज MS + IBA 1.0 mg l-1 + IAA 1.0 mg l-1 + NAA 0.5 mg l-1) प्रिािी रूप से सफल रिा हजसमें प्रत्येक पादप अ़ोंश में तीव्र और सक्षम जडत्व के हिकास को सुगम बनाया. सबसे उच्च इन-हिट्रो रूहट़्ोंग प्रहतहरया दर एमएस-4 (Full MS + IBA 1.5 mg l-1) में देखी गई, जबहक MS-10 (Full MS + IBA 1.5 mg l-1 + IAA 0.5 mg l-1) ने प्रहत पादप अ़ोंश सबसे अहधक जडो़ों की स़ोंख्या देखी गई। | |
dc.identifier.uri | http://172.105.56.86:4000/handle/123456789/772 | |
dc.language.iso | en | |
dc.pages | 127p | |
dc.publisher | Sardar Vallabh Bhai Patel University of Agriculture & Technology, Meerut | |
dc.relation.ispartofseries | Id No. PG/H-6439/22 | |
dc.subject | Horticulture | |
dc.theme | Development of High-Efficiency in-Vitro Protocols in Amaryllis (Hippeastrum Hybridum) Cv. Pusa Suryakiran | |
dc.these.type | M.Sc. | |
dc.title | Development of High-Efficiency in-Vitro Protocols in Amaryllis (Hippeastrum Hybridum) Cv. Pusa Suryakiran | |
dc.type | Thesis |